Kya Khub Likha Hai Kisi Ne | Heart Touching Hindi Shayari

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Kya Khub Likha Hai Kisi Ne | Heart Touching Hindi Shayari

Kya Khub Likha Hai Kisi Ne | Heart Touching Hindi Shayari


क्या खूब लिखा है किसी ने

क्या खूब लिखा है किसी ने,

बख्श देता है खुदा उनको जिनकी किस्मत ख़राब होती है,

वो हरगिज़ नहीं बख्शे जाते है जिनकी नियत ख़राब होती है..!!


Kya khub likha hai kisi ne

Kya khub likha hai kisi ne,

bakhsh deta hai khudaa unko jinki kismat kharab hoti hai,

Wo hargiz nahi bakhshe jate hai jinki niyat kharab hoti hai..!!


न मेरा एक होगा न तेरा लाख होगा,

न तारीफ तेरी होगी न मज़ाक मेरा होगा,

गरूर न कर शाही शरीर का,

मेरा भी खाक होगा तेरा भी खाक होगा..!


Na mera ek hoga na tera lakh hoga,

Na tarif teri hogi na mazak mera hoga,

Garur na kar shahi sharir ka, 

Mera bhi khak hoga tera bhi khak hoga..!!


ज़िंदगी भर ब्रांडेड ब्रांडेड करने वालो,

याद रखना कफ़न का कोई ब्रांड नहीं होता..!!

कोई रो कर दिल बहलाता है,

और कोई हंस के दर्द छुपता है,

क्या करामात है कुदरत का जिन्दा इंसान पानी में डूब जाता है,

और मुर्दा तैरकर दिखता है..!!


Zindgi bhar branded branded karne walo,

Yaad rakhna kafan ka koi brand nahi hota..!!

Koi ro kar dil bahlata hai,aur koi hans ke dard chupata hai,

kya karamat hai kudart ka jinda insaan pani me dub jata hai,

aur murda terkar dikhata hai..!!


मौत को देखा तो नहीं पर शायद वो बहुत खूबसूरत होगी, 

कम्ब्खत जो भी उससे मिलता है जीना छोड़ देता है..!!


Mout ko dekha to nahi par shayad wo bhut khoobsurat hogi,

Kambkht jo bhi usse milta hai jinaa chod deta hai..!!


गजब की एकता देखी लोगो की ज़माने में, 

जिन्दों को गिराने में और मुर्दों को उठाने में..!!


Gajab ki ekta dekhi logo ki zamane me,

Jindon ko girane me aur murdon ko uthane me..!!


ज़िन्दगी में न जाने कौनसी बात आखरी होगी,

न जाने कौनसी रात आखरी होगी,

मिलते झूलते बातें करते रहो यारों एक दूसरें से, 

न जाने कौनसी मुलाकात आखरी होगी..??


Zindagi me na jane konsi baat aakhri hogi,

na jane konsi raat aakhri hogi,

Milte jhulte baaten karte raho yaaron ek dusren se, 

na jane konsi mulakat aakhari hogi..??


क्या खूब लिखा है किसी ने,

प्यास लगी थी गजब की, मगर पानी मे जहर था,

पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते !


बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए,

ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए !


वक़्त ने कहा...काश थोड़ा और सब्र होता,

सब्र ने कहा...काश थोड़ा और वक़्त होता !


सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब,

आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर !


"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है,

और "किस्मत" महलों में राज करती है !


शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी,

पर चुप इसलिये हु कि जो दिया तूने, वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता !


अजीब सौदागर है ये वक़्त भी, जवानी का लालच दे के बचपन ले गया,

अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा !


लौट आता हूँ वापस घर की तरफ... हर रोज़ थका-हारा,

आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ या काम करने के लिए जीता हूँ !


थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी

मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे !


भरी जेब ने  "दुनिया " की पहेचान करवाई और खाली जेब ने  "अपनो " की,

जब लगे पैसा कमाने तो समझ आया, शौक तो मां-बाप के पैसों से पुरे होते थे,

अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पुरी होती है !


हंसने की इच्छा ना हो, तो भी हसना पड़ता है,

कोई जब पूछे कैसे हो ...? तो मजे में हूँ कहना पड़ता है !


ये ज़िन्दगी का रंगमंच है दोस्तों, यहाँ हर एक को नाटक करना पड़ता है ,

"माचिस" की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती, यहाँ आदमी आदमी से जलता है !


दुनिया के बड़े से बड़े साइंटिस्ट, ये ढूँढ रहे है की मंगल ग्रह पर जीवन है या नहीं,

पर आदमी ये नहीं ढूँढ रहा कि जीवन में मंगल है या नहीं !


मंदिर में फूल चढ़ा कर आए तो यह एहसास हुआ,

कि पत्थरों को मनाने में , फूलों का क़त्ल कर आए हम ,

गए थे गुनाहों की माफ़ी माँगने , वहाँ एक और गुनाह कर आए हम !!


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